Thursday, June 28, 2007

ब्लॉगों की एजेंसी


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी

क्या आपको लगता है कि ब्लाग को बाजार के करीब लाने के लिए किसी नियामक या एजेंसी की जरूरत है।
आपकी प्रतिक्रियाएं एक रास्ता सुझा सकती है।

5 comments:

चिट्ठाजगत said...

हिन्दी चिट्ठाकार अभी इतने व्यस्क नही हुँए है की इस को समझ सकें।

Bhavya said...

दरअसल सेबी या ट्राई की छाया में ही आज आप भारत के संपन्न शेयर बाजार और दूरसंचार क्षेत्र फल फूल रहे है। रही बात विकास की तो, विकास का दायरा संख्या या सरोकार से न जुड़कर सोच से जुड़ा होता है। मैने ये महसूस किया है कि ब्लाग बनाने वाला हर हाथ हाथ की मैल चाहता है। बर जरूरत उसे ये समझाने की है कि कैसे वो ऐसा छापे जो बिके। ब्लाग में भाषा असुविधा हो सकती है। ब्लाग में प्रदर्शन मानदण्ड हो सकती है। लेकिन जिस दिन किसी भी ब्लागर ने इसे जनसंचार के प्रचलित माध्यमों से जोड़ दिया। वो सफल हो जाएगा। क्योकि संचार एक पक्षीय नहीं होता। रही बात एजेंसी की तो, ये वक्त की जरूरत है। बाजार एक तकनीकी समझ और भावनात्मक जुड़ा को भुनाता है। और एक बेहतर एजेंसी इसे समझकर प्रचारों को टारगेट आडियंश की पहचान कर पेश कर सकती है। केवल जरूरत शुरूआत की है।

रवि said...

इसे और अधिक स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता है - ब्लॉगों का जनसंचार के प्रचलित माध्यम से जोड़ना -

इंटरनेट स्वयं जनसंचार के प्रचलित माध्यमों से पूरा जुड़ा है - तो अतिरिक्त रूप से किस तरह व कैसे जोड़ा जा सकता है?

Gaurav Pratap said...

यदि बाज़ार ही एकमात्र सत्य है तो इस आशंका के सत्य होने की १०१% सम्भावना है.

Bhavya said...

सही कहा, इंटरनेट जनसंचार माध्यम है। लेकिन अपने देश में यह अभी केवल दो करोड़ लोग तक ही सामित है। और इसे आप किसी भी दशा में एक बहुप्रचारित सूचना स्रोत नहीं कह सकते। आप शहर के उस पढ़े लिखे वर्ग के करीब है, जो खरीदार है। तो इस खरीदार को ये समझाने के प्रयास होने चाहिए कि हिंदी ब्लागो पर मौजूद है ऐसी जानकारियां, जो समय बचाकर आपको दिला सकती है सुविधाएं। जैसे गाड़ी खरीदने के लिए अगर आपको सुझाव की जरूरत हो तो आप किसे खोजेंगे। एक आटो मैगजीन को या किसी पेपर के साप्ताहिक कालम को। उसी तरह वीकेंड पर कौन सी मूवी देखी जाए इसका पता अगर मूवी विश्लेषण के किसी ब्लाग पर शुक्रवार की शाम को हो जाए तो क्या ये एक सतत प्रक्रिया के बाद उत्पाद में तब्दील नहीं हो सकता। वैसे देखने की ये जरूरत है िक आपको कैसी जानकारी बेचनी है।

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